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शांति के समय में भी जवानों की मौत होना काफी चिंताजनक है – एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ

भारतीय वायुसेना के विमानों के हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. शुक्रवार को भी अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा से 12 किमी दूर MI17 V5 हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई है जबकि एक घायल हो गया. आठ अक्टूबर को वायुसेना दिवस से पहले यह हादसा हुआ है

 

इससे पहले भी अरुणाचल प्रदेश में 23 मई को सुखोई-30 एमकेआई विमान लापता हो गया था और बाद में उसका मलबा बरामद हुआ था. 23 मई को दिन में साढ़े 10 बजे तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरने के बाद तकरीबन 11 बजकर 10 मिनट पर इस विमान का रडार से संपर्क टूट गया था.

जानिए कब-कब बड़े हादसे का शिकार हुए IAF के विमान

अरुणाचल प्रदेश में 23 मई को सुखोई-30 एमकेआई विमान लापता हो था. बाद में इसका मलबा बरामद हुआ.

15 मार्च 2017 को सुखोई लड़ाकू विमान राजस्थान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें तीन लोग घायल हो गए.

20 सितंबर 2014 को चंडीगढ़ में एयरक्राफ्ट ने क्रैश लैंडिंग की. इसके चलते विमान में आग लग गई.

मई 2014 को वायुसेना का MiG-21 लड़ाकू विमान जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग में क्रैश हो गया, जिसमें पायलट की मौत हो गई.

28 मार्च 2014 को C-130J सुपर हर्क्यूलिस स्पेशल ऑपरेशन ट्रांसपोर्ट ट्रेनिंग के दौरान क्रैश हो गया. इसमें चालक दल के पाचं लोगों की मौत हो गई.

22 जनवरी 2014 को जगुआर लड़ाकू जेट राजस्थान के बीकानेर जिले में क्रैश हो गया. हालांकि इसमें पायलट और सह पायलट सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे.

13 दिसंबर 2011 को पुणे में सुखोई-30 उड़ान भरने के बाद क्रैश हो गया.

आठ नवंबर 2013 को MiG-29 गुजरात के जामनगर में क्रैश हो गया.

जनवरी 2012 को जोरहाट में लैंडिंग के दौरान AN-32 हादसे का शिकार हो गया.

अरुणाचल प्रदेश में नौ जून 2009 को AN-32 क्रैश हो गया, जिसमें 13 सैन्यकर्मियों की मौत हो गई.

राजस्थान के जैसलमेर में 20 अप्रैल 2009 को सुखोई लड़ाकू विमान हादसे का शिकार हो गया.

सात मार्च 1999 को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास AN-32 दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इसमें वायुसेना के 18 कर्मियों समेत 21 लोगों की मौत हो गई थी. यह पहली बार था, जब वायुसेना ने विमान हादसे में इतनी ज्यादा संख्या में अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को खोया था.

पंजाब के खन्ना में एक मार्च 1992 को फॉरमेशन में उड़ाने के दौरान दो AN-32 एयरक्राफ्ट हवा में भिड़ गए.
भारतीय वायुसेना के विमानों के हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. शुक्रवार को भी अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा से 12 किमी दूर MI17 V5 हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई है जबकि एक घायल हो गया. आठ अक्टूबर को वायुसेना दिवस से पहले यह हादसा हुआ है.

इससे पहले भी अरुणाचल प्रदेश में 23 मई को सुखोई-30 एमकेआई विमान लापता हो गया था और बाद में उसका मलबा बरामद हुआ था. 23 मई को दिन में साढ़े 10 बजे तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरने के बाद तकरीबन 11 बजकर 10 मिनट पर इस विमान का रडार से संपर्क टूट गया था.

एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा था कि शांति के समय में भी जवानों की मौत होना काफी चिंताजनक है. हम एक्सिडेंट को कम करने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारे पास अभी कम संख्या में फाइटर हैं, लेकिन हम किसी भी तरह के टास्क को पूरा करने में सक्षम हैं.

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